बंगाली,मराठी, अवधी व भोजपुरी भाषा में प्रस्तुति के साथ मनाया गया विश्व मातृभाषा दिवस

रिपोर्ट कोशिश जायसवाल 

अमरावती
    भारतीय जनसंचार संस्थान में शुक्रवार को विश्व मातृभाषा दिवस को एक नए रूप व अनेक राज्य की भाषाओं के प्रस्तुति के साथ मनाया गया।जिसमें सभी विद्यार्थियों ने अपने अपने राज्यों की भाषाओं में कविता व राज्य की संस्कृति को प्रस्तुत किया।आईआईएमसी के छात्रों को संबोधित करते क्षेत्रीय निदेशक

    कार्यक्रम शाम तीन बजे से भारतीय जनसंचार संस्थान के पुस्तकालय कक्ष में शुरू किया गया।कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक डॉ राजेश सिंह कुशवाहा ने संबोधित करते हुए कहा कि मातृभाषा केवल बोलचाल का माध्यम नहीं,बल्कि हमारी सोच संवेदना और संस्कृति की आत्मा है। जिस भाषा में हम अपने भाव सहज रूप से व्यक्त करते हैं, वही हमारी असली पहचान बनती है।आज के वैश्विक युग में अंग्रेज़ी और अन्य भाषाओं का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन अपनी मातृभाषा से दूरी नहीं बनानी चाहिए। जो विद्यार्थी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, वही आगे चलकर मजबूत व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।मीडिया और जनसंचार के क्षेत्र में भाषा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एक संवेदनशील पत्रकार या संचारक वही बन सकता है, जो समाज की भाषा और भावनाओं को समझे और अपनी मातृभाषा का सम्मान करें।कार्यक्रम में हिंदी ,अंग्रेजी और मराठी पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने अपने अपने राज्य भाषाओं में कविता और अपनी संस्कृति को प्रस्तुत किया।इस अवसर पर सहायक अध्यापक डॉ विनोद निताले,जयंत सोनोने व रोहन तायडे मौजूद रहे।

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