भारत में एलपीजी का यह कैसा संकट?जनता परेशान!सरकार नहीं मानने को तैयार?
अभी तक आप सिर्फ मजे ले रहे थे क्योंकि ये तो पुरानी कहावत है कि दो की लड़ाई में तीसरा सिर्फ मुंह पर उंगली रखकर देखने का काम करता और यकीन मानिए करोड़ों लोगों का कहना भी यही है? ईरान इजरायल युद्ध का असर अब आपकी रसोई में भी पड़ना शुरू हो गया।लेकिन सरकार में पेट्रोलियम मंत्री आज भी अपने ट्वीट से सब सही होने का दिलासा भारत की जनता को दे रहे है हालांकि वह अपनी कुर्सी के प्रति उनकी ईमानदारी है लेकिन यह ईमानदारी जनता को भ्रमित और भी ज्यादा परेशान कर करती है पता नहीं सरकार कब मानेगी कि हां एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी होने लगी है !अगर नहीं हो रही तो घरेलू सिलेंडर 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए बढ़ाने के तुरंत अगले दिन आपने एलपीजी सिलेंडर के लिए समय सीमा क्यों तय कर दी। यह सब सवाल हर एक बड़े होटल का व्यवसाय करने वाले व्यावसायिक व्यक्ति के मन में जरूर घूम रहा होगा,क्योंकि उन्हीं के ऊपर गंभीर संकट पड़ रहा है।
तो अब बताते है कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध से भारत पर एलपीजी गैस का असर क्यों पड़ेगा द इकोनोमिक टाइम्स की माने तो भारत में एलपीजी गैस 2024 -25 में कुल 3.13 करोड़ टन की खपत रही है।इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार भारत में कुल 33 करोड़ एलपीजी गैस के घरेलू उपभोक्ता है। अब यह बात आपके लिए समझना जरूरी होगा की भारत में एलपीजी गैस के सिर्फ दो स्रोत है।एक डोमेस्टिक प्रोडक्शन दूसरा इंपोर्ट्स यानी विदेश से आयात! अब यहां समझने वाली बात ये है कि भारत आधे से अधिक मतलब 60% एलपीजी सऊदी अरब,कुवैत कतर, ओमान से इंपोर्ट्स करता है।और 40% भारत खुद ऑयल रिफाइनरी के द्वारा उत्पादन करता है।अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के रस्ते में व्यवधान के कारण भारत में एलपीजी की कमी हो गई है, दरअसल जिन समुद्री रास्तों से भारत में एलपीजी गैस आती थी उन रास्तों पर लगातार ईरान और इजरायल में चल रहे युद्ध के कारण हमले का खौफ है क्योंकि इन सभी देशों में भी पहले कई हमले हो चुके है।अन्य रिपोर्ट की माने तो कई देशों को जाने वाली अन्य हजारों समुद्री जहाजे आज भी समुद्र में फंसी हुई है।जिससे भारत में भी एलपीजी गैस का संकट पैदा होता दिख रहा।हालांकि सरकार गैस की किल्लत माने या न माने लेकिन गैस एजेंसीज पर लगी लंबी कतारें ही एल पी जी गैस का भारत में कैसा संकट है यह खुद बयां कर रही ।
Comments