जिम्मेदारों की लापरवाही से सामुदायिक शौचालयों में लटक रहा ताला
महराजगंज रायबरेली।
लाखों की लागत से गांव में बने स्वच्छता के प्रतीक सामुदायिक शौचालयों में तालाबंदी सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहे। कुछ शौचालयों में तो निर्माण के बाद से ही ताला लगे देखें जा रहे। ऐसे में लाखों की यह योजना जिम्मेदारों की लापरवाही से आम आदमी कों लाभ नहीं पहुंचा पा रही।
बताते चले की विकासखंड के 53 गांव में लगभग सभी गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण गांव कों स्वच्छ एवं संक्रामक बीमारियों से मुक्त रखने के लिए बनाए गए। किन्तु सभी गांवों में बने शौचालयों के गेट पर लटकते ताले लाखों रुपए निर्माण पर हुए खर्च एवं सरकार की मंशा पर प्रश्नचिंह लगा रहे। वहीं ग्रामीणों कों भी समझ नहीं आ रहा की जब इन शौचालयों का निर्माण ग्रामीणों के लिए हुआ हैं तो फिर ताला बंद करने का औचित्य समझ के परे नजर आता हैं। जिसकी बानगी क्षेत्र के इंदौरा गांव में बने सामुदायिक शौचालय के दोनो गेटों पर लटकते दो-दो तालो से समझी जा सकती हैं। जहां मौजूदा प्रधान महमूद अहमद एवं सचिव वैभव मिश्रा द्वारा शौचालय की पहरेदारी में ताला लगा, सरकार द्वारा गांव कों सुंदर बनाने की मंशा के बजाए ग्रामीणों की सुंदरता का खास ख्याल रख एक प्रसाधन कंपनी के ब्यूटी क्रीम का फोटो शौचालय की दीवार पर चस्पा करा स्वच्छ भारत मिशन अभियान कों ही आईना दिखाने से बाज नहीं आ रहे। मामले में एडीओ पंचायत सतीश चतुर्वेदी ने बताया की इंदौरा व अन्य गांव के सामुदायिक शौचालय की जांच करा कार्यवाही की जाएगी!
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