बरहुआ ग्राम प्रधान के ऊपर लग रहे आरोप निराधार व असत्य,वायरल वीडियो भ्रामक
महराजगंज रायबरेली।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विकास क्षेत्र के बरहुंआ ग्राम सभा के एक वीडियों में गांव में जांच करने पहुंची विकास विभाग की टीम के अधिकारियों के साथ अभद्रता करने व टीम को बन्धक बनाने का मामला भ्रामक पाया गया। वायरल वीडियों तीन दिन पूर्व की है जिसमें जांच टीम के पहुंचने पर ग्रामीण अधिकारियो के सामने प्रधान के पक्ष में दिखे और धांधली व भ्रष्टाचार के आरोप को नकार दिया। परन्तु प्रधान के विरोधियों द्वारा आधी अधूरी वीडियो वायरल कर भ्रम फैलाया जहा रहा है।
बताते चलें कि कुछ दिन पूर्व ग्राम सभा के बरहुंआ निवासी सुमित द्विवेदी आदि की शिकायत पर बीते सोमवार को तीन सदस्यीय टीम जिसमें एडीओ (आईएसबी) धनेन्द्र सिंह, एडीओ (सी) अरूण कुमार श्रीवास्तव व जेई (आरएस) अच्युत अग्रवाल ने गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। गुरूवार को वायरल हो रहे वीडियों के सम्बन्ध में जांच टीम के सदस्य एडीओ (आईएसबी) धनेन्द्र सिंह से जानकारी की गयी तो उन्होने बताया कि तीन सदस्यीय टीम बरहुआ गांव गयी थी जहां स्थलीय निरीक्षण के पश्चात ग्रामीणों के बयान भी लिए गये। सोसल मीडिया पर वीडियो वायरल कर भ्रामक खबर फैलाई जा रही है गांव में ऐसा कुछ नही था । ग्रामीण भी ग्राम प्रधान के कार्याें से सन्तुष्ट दिखे। वहीं सत्यतता जानने के लिए जब ग्रामीणों से बात की गयी तो पियारे यादव, लक्ष्मी यादव, बबलू आदि ने बताया कि ग्राम प्रधान व शिकायतकर्ता के मध्य पुस्तैनी दुश्मनी है जिसमें पूर्व में कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिसके चलते रंजिशन शिकायत की गयी है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जब जांच टीम गांव पहुंची तब भी किसी के द्वारा टीम के साथ कोई अभद्रता नही की गयी।
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