गंगा एक्सप्रेस वे पर डलमऊ उतरने का नही बनाया जा रहा रास्ता

रायबरेली।
लोगों की राह आसान व सुगम बनाने के लिए ही सरकार योजनाओं का खाका तैयार कर अमली जामा पहनाती है। लेकिन जिनके लिए योजनाएं बनाई जाए उन्हीं को वह लाभ न मिले तो ऐसी योजना किस काम की?जी हां हम बात कर रहे हैं गंगा एक्सप्रेस-वे की,गंगा के तटवर्ती इलाकों से होकर गुजर रहे एक्सप्रेस वे पर दाल्भ्य ऋषि की तपोभूमि व तहसील डलमऊ के लिए उतरने व चढ़ने का मार्ग एक्सप्रेस वे की योजना में न होने से डलमऊ क्षेत्र को और जिला मुख्यालय पर स्थापित भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऐम्स के लोगों को लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा। ताज्जुब तो तब हुआ, जब सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में इसकी जानकारी होने पर भी शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों तक ने भी आवाज उठाना मुनासिब नहीं समझा।
         बताते चलें कि जनपद में गंगा के तटवर्ती इलाकों से होकर गंगा एक्सप्रेस-वे विभिन्न गांवों से होकर गुजर रहा है। सरकार की मंशा एक्सप्रेस वे का खाका तैयार करते समय आमजन को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की रही होगी। लेकिन दालभ्य श्रषि की तपोभूमि डलमऊ और एम्स रायबरेली जाने का सीधा रास्ता होने और जनपद फतेहपुर का सुगम मार्ग होने के बाद भी गंगा एक्सप्रेस वे में डलमऊ के लिए उतरने व चढ़ने का प्रस्ताव एक्सप्रेस वे में न होने से लोगों में मायूसी व उबाल है। जबकि डलमऊ जनपद का प्रमुख तीर्थ स्थल है और सरकार ने डलमऊ के कार्तिक मेले को प्रांतीय मेले का दर्जा दिया है साथ  ही तहसील भी होने तथा फतेहपुर, बांदा चित्रकूट व अन्य जनपदों के आवागमन के लिए यह मार्ग सबसे अधिक सुगम होने के बाद भी एक्सप्रेस वे में उतार व चढ़ाव योजना में शामिल नहीं किया गया। यही नहीं जनपद का प्रमुख गंगा घाट होने के चलते साल भर गंगा स्नान व दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रहती है। कार्तिक पूर्णिमा जिसे प्रदेश सरकार ने प्रांतीय मेला का दर्जा दे रखा है इस अवसर पर तो डलमऊ में रायबरेली जनपद ही नहीं आसपास के जनपदों से लोग मेला देखने व दर्शन के लिए आते हैं जनपद का सबसे बड़ा मेला भी लगता है। फिर भी एक्सप्रेस वे में डलमऊ के लिए उतरने व चढ़ने के लिए एक्सप्रेस वे की योजना में न होना सरकार की आमजन को सुविधा मुहैया कराने की मंशा पर पानी फेर रहा है। रायबरेली जिले के ग्रामीण व शहरी इलाके के लोगों ने एक्सप्रेस वे पर डलमऊ के लिए उतार चढ़ाव बनवाने की पुरजोर मांग की है। जिससे एक्सप्रेस वे का लाभ आस-पास के क्षेत्रीय ग्रामीण इलाके के लोगों के साथ-साथ एम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीजों व तीमारदारों तथा रायबरेली शहर के लोगों को इसका लाभ मिल सके। लालगंज में रेल कोच के कारण और ऊंचाहार में एनटीपीसी के कारण उतार चढ़ाव की व्यवस्था वहां पर है यह धार्मिक नगरी है और अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तो लोगों को यह उम्मीदें हैं की पतित पावनी गंगा के प्रमुख स्थल डलमऊ पर उतार-चढ़ाव होना चाहिए डलमऊ की पहचान गंगा से ही है और गंगा एक्सप्रेसवे डलमऊ के किनारे  12 फिट ऊंचाई से ऊपर ऊपर निकल जाएगा लोग देखते रह जाएंगे और सरकार ने जो गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिकरण की बात कही है वह अवैध उद्योग भी इस क्षेत्र में नहीं लग पाएंगे यह पहले भी अपेक्षित रहा और आज भी रह जाएगा

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