पुलिस की अभिरक्षा में युवक की तबीयत बिगड़ी,विषाक्त पदार्थ खाने की चर्चा
नाबालिक लड़की को भगा ले जाने के मामले में पुलिस हिरासत में लिए गये युवक की अचानक तबियत खराब हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में युवक द्वारा विशाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी के प्रयास की चर्चा जोरो पर हैं। वहीं मामले में पुलिस अपना पल्ला झाड़ते हुए युवक के पुलिस हिरासत में होने की बात को नकार रही है। जबकि अस्पताल व जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने युवक को पुलिस आरक्षियों द्वारा लाकर भर्ती कराये जाने की बात कही गयी हैं। पूरे घटनाक्रम में पुलिस की लापरवाही व घटना पर पर्दा डालना अपने आप में यक्ष प्रश्न है।
जानकारी के अनुसार बीते 26 मई को स्कूल गयी क्षेत्र की 16 वर्षीय नाबालिक लड़की के वापस न आने पर उसकी दादी द्वारा 27 मई को लड़की के गुम हो जाने का मामला कोतवाली पुलिस में दर्ज कराया गया। मामले में छानबीन कर रही कोवताली पुलिस ने नाबालिक लड़की व उसको भगा ले जाने वाले युवक कैर निवासी जितेन्द्र उर्फ लकी पुत्री सिद्धनाथ तिवारी के बारे में पता लगा लिया। एसआई जागेश्वर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस व नाबालिक की मां व युवक के पिता के साथ सूरत जाकर दोनो को सोमवार की सुबह थाने ले आयी। अचानक जितेन्द्र की तबियत बिगड़ गयी तो कोतवाली पुलिस ने आनन फानन में जितेन्द्र के पिता को सूचना दे जितेन्द्र को लगभग 10ः15 बजे सीएचसी पहुंचाया। सूत्रों की मानें तो जितेन्द्र के तबियत बिगड़ जाने तक नाबालिक भी कोतवाली में उपस्थित रही। अस्पताल पहुंचे युवक का प्राथमिक उपचार कर चिकित्सक फैजान ने उसे नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहां पर उसका इलाज जारी है।
पुलिस की लापरवाही की चर्चा तेज
पुलिस अभिरक्षा में होते हुए युवक के विशाक्त पदार्थ खाने की चर्चा पूरे क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गयी। लोगो में चर्चा है कि जब युवक पुलिस अभिरक्षा में था तो उसके पास विशाक्त पदार्थ कैसे पहुंचा ? पुलिस अभिरक्षा में हुई चूक से कोतवाली पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है।
लापरवाही पर पर्दा डाल एसपी को गुमराह कर रही पुलिस
पुलिस अभिरक्षा में युवक द्वारा विशाक्त पदार्थ खा लेने और उसकी हालत नाजुक हो जाने के मामले में पुलिस सहित पुलिस अधीक्षक तक युवक के अभिरक्षा में होने की बात को नकार रहे हैं। जबकि पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि सुबह ही तो फरार युवक व नाबालिक लड़की को पुलिस पकड़ कर थाने लायी है। वहीं सीएचसी व जिला अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा भी पुलिस आरक्षियों द्वारा युवक को अस्पताल में भर्ती कराने की पुश्टि की गयी है।
सवाल कई जवाब कोई नही
घर से भागे युवक व नाबालिक लड़की को बरामद करने निकले एसआई जागेश्वर तिवारी सहित महिला आरक्षी क्या बिना रवानगी दर्ज कराये सूरत तक पहुंच गये और क्या बिना आमद दर्ज कराये ही दोनो को छोड़ दिया ? और यदि छोड़ दिया तो क्यों ? पुलिस की स्टोरी में छेद ही छेद नजर आ रहे है। यदि पुलिस अधीक्षक बारीकी से जांच कराये तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।
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