आरोपी के पिता ने कहा पुलिस अभिरक्षा में ही युवक ने खाया था विषाक्त पदार्थ
नाबालिग लड़की भगा ले जाने के मामले में पकड़े गये अभियुक्त द्वारा पुलिस अभिरक्षा में ही विषाक्त पदार्थ खा लेने के मामले में जहां पुलिस अपना पल्ला झाड़ रही है, वहीं अभियुक्त के पिता ने स्पष्ट शब्दों में युवक द्वारा पुलिस अभिरक्षा में ही विषाक्त पदार्थ खाने की बात कही है साथ ही यह भी बताया कि पुलिस अपने साथ ही भागे लड़के और लड़की को सूरत से बरामद कर कोतवाली लायी थी। वहीं दूसरी ओर विषाक्त पदार्थ खाये अभियुक्त को पुलिस अस्पताल से कोतवाली लायी, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बताते चलें कि कैंर गांव निवासी जितेन्द्र कुमार उर्फ लकी पुत्र सिद्धनाथ तिवारी बीती 25 मई को एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की लेकर फरार हो गया था। मामले में लड़की की दादी ने लड़की के स्कूल से वापस न आने की बात कहते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। वहीं छानबीन में कोतवाली पुलिस ने दोनो को सूरत से गिरफ्तार किया और कोतवाली ले आयी। जहां पर अभियुक्त जितेन्द्र ने विषाक्त पदार्थ खा लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गयी। मामले में कोतवाली पुलिस सहित पुलिस अधीक्षक अभियुक्त जितेन्द्र को उसके ही पिता द्वारा भर्ती कराये जाने की बात कह अपना पल्ला झाड़ रही है। मंगलवार को जितेन्द्र के पिता सिद्धनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस के साथ वह और लड़की की मां और जहां पर लड़का रह रहा था उसका भाई कुल पांच लोग सूरत गये थे जहां से पुलिस ने दोनो को गिरफ्तार कर थाने ले आयी। जिसके बाद वह अपने घर चले गये। लगभग 10ः30 पर उन्हे जितेन्द्र के जहर खा लेने की सूचना मिली तो वह भाग कर अस्पताल पहुंचे जहां पर पुलिस ने उसे भर्ती कराया था। उनके पहुंचने के बाद रेफर सहित अन्य कागजों पर उनसे हस्ताक्षर करा लिए गये।अभियुक्त के पिता ने भी कहा कि लड़के ने पुलिस अभिरक्षा में ही विषाक्त पदार्थ खाया था। वहीं कोतवाली पुलिस मंगलवार को अस्पताल से इलाज कराने के बाद आरोपी जितेन्द्र को थाने लायी जिसके बाद उसे जेल भेज दिया। आरोपी के पिता की पुष्टि के बाद भी पुलिस अधीक्षक अपने मातहतों को बचाते हैं या फिर कार्यवाही करते है यह तो समय के गर्भ में है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है।
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