एक अग्निशमन यंत्र के भरोसे चल रही महराजगंज तहसील
महराजगंज रायबरेली।
सुरक्षा की दृष्टि से जहां फैक्ट्री से लेकर चार पहिया वाहनों तक अग्निशमन यन्त्र की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गयी है। वहीं प्रशासनिक कार्यों व नियमों को अमल कराने वाले स्वयं के विभाग में अग्निशमन यन्त्रों की स्थापना न करा पाना चिराग तले अंधेरा की कहावत को चरितार्थ कर रही है। जी हां महराजगंज तहसील कार्यालय जहां उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी, नायब तहसीलदार, लेखपाल, संग्रह अमीन आदि कार्यालयों में पूरे तहसील क्षेत्र के अभिलेखों का संग्रह होता है। ऐसे संग्रहालयों में अग्निशमन केन्द्र की व्यवस्था शून्य के बराबर है। यदि कभी अग्निकाण्ड हो गया तो क्या होगा इसका सहज अन्दाजा लगाया जा सकता है।
बताते चलें कि महराजगंज स्थित तहसील कार्यालय में अग्निशमन केन्द्र या यन्त्रों की स्थापना नही की गयी है। उपलिाधिकारी न्यायालय कक्ष , तहसीलदार न्यायालय कक्ष , कार्यालय अथवा कोषागार पूरे तहसील परिसर में एक भी अग्निशमन यन्त्र दिखाई नही पड़ रहे। हां काफी खोज करने के बाद भू अभिलेखागार के अन्दर सबसे पीछे रखा एक फायर एक्सीड्यूसर (आग बुझाने का सिलेण्डर) रखा दिखाई पड़ा। ऐसे में यदि कभी भी कोई अग्निकाण्ड हुआ तो तहसील क्षेत्र में स्थापित तीन व्लाकों के लगभग 200 से अधिक राजस्व गांवों के दस्तावेज, भूमि अभिलेख, न्यायालयों में लम्बित वादों सहित अन्य दस्तावेज सब जलकर खाक हो जायेंगे। जिसके बाद उन पत्रावलियों का मिलना तो दूर न्याय न मिलने पर क्षेत्र में अराजकता तक फैल सकती है। आग से बचने हेतु किए जाने वाले उपायों की ओर अभी तक न तो एसडीएम और न ही किसी तहसीलदार की नजर पड़ सकी है। यही नहीं एक सप्ताह पूर्व ही नवागन्तुक जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के समापन के बाद पूरे तहसील परिसर का मोआयना भी किया, परन्तु इतने महत्वपूर्ण विषय पर उनका ध्यान भी नही गया। मामले में जब तहसीलदार अनिल कुमार पाठक से बात की गयी तो उन्होने बताया कि भू-अभिलेखागार में अग्निशमन यन्त्र की व्यवस्था है। वहीं यह पूछने पर कि क्या आग लगने पर कोई आग से होकर सिलेण्डर लेने जायेगा। तो उन्होने कहा कि इस समय सफाई आदि कार्य चल रहा है। इसीलिए पीछे रख दिया गया होगा। जबकि जिला अग्नि शमन अधिकारी के अनुसार फायर एग्सीड्यूसर आग से बचाव का एक यंत्र है। जिसकी सहायता से छोटे अकार की आग को बुझाया जा सकता है या उसे नियंत्रण में रखा जा सकता है। यह प्राय: आपातकालीन स्थितियों में उपयोग किया जाता है। किन्तु यह ऐसी आग के बुझाने या नियंत्रण के लिये प्रयुक्त नहीं होता जो बहुत विकराल रूप ले चूकी हो।
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